Introduction
बिहार प्रशासनिक सेवा (एकीकृत) BPSC प्रतियोगी परीक्षा तीन क्रमिक चरणों में आयोजित होता है: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार। इसी कड़ी में आगामी 26 जूलाई को 72वीं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (PT) प्रस्तावित है। लेकिन प्रारंभिक परीक्षा वह पहली कड़ी है जिसे पास किए बगैर प्रतियोगी छात्र मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते हैं, इसलिए बीपीएससी की तैयारी की पूरी यात्रा में प्रारंभिक परीक्षा के महत्व को प्रतियोगी छात्र भी बखूबी समझते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में अक्सर ऐसा देखा गया है कि पढ़ाकू और मेहनती छात्रों का प्रीलीम्स अटक गया है, जिससे वे तैयारी में होते हुए भी पूरी परीक्षा से बाहर हो गए हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर रणनीति अपनानी होगी। याद रखें सही रणनीति और सटीक एप्रोच से बड़ी से बड़ी लड़ाईयां जीती गई हैं लेकिन उसके लिए प्रारंभिक परीक्षा के ट्रेंड को समझना होगा।
उल्लेखनीय है कि परीक्षा में सामान्य अध्ययन पर केंद्रित वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) शामिल होते हैं। इसमें सामान्य अध्ययन से संबंधित प्रमुख विषयों में इतिहास, भूगोल, सामान्य विज्ञान (जीव विज्ञान, रासायनशास्त्र, भौतिकी), बिहार स्पेशल, इकोनॉमी और करेंट अफेयर्स के प्रश्न शामिल रहे हैं। इसी के साथ 10 प्रश्न गणित के भी होते है, जिससे गणित पृष्टभूमि के बच्चों को अतिरिक्त लाभ मिलता रहा है।
गलाकाट प्रतियोगिता की स्थिति को देखते हुए एक प्रतियोगी छात्र को हर विषय को लक्षित करते हुए ठोस रणनीति अपनानी होगी तभी वे मुख्य परीक्षा के लिए अपनी एक सीट कन्फर्म कर सकेंगे। जाहिर है, पिछले कुछ वर्षों में प्रारंभिक परीक्षा की प्रकृति में कई तरह के ट्रेंड देखे गए हैं। इस ट्रेंड को बारीकी से समझते हुए सभी संबंधित विषयों को लेकर अलग-अलग रणनीति पर फोकस करना होगा। इसी कड़ी में आज हम इकोनॉमी को केन्द्र में रखते हुए इसके लिए लिए अपनाए जाने वाले ठोस रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में इकोनॉमी की भूमिका को निम्नलिखित प्वाइंट में समझा जा सकता है
- पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखने से पता चलता है कि हर बार औसतन 8 से 10 प्रश्न पूछे गए हैं लेकिन ऐसा नहीं है। 68वीं 15 प्रश्न वहीं 69वीं में 13 प्रश्न सीधी तौर पर इकोनॉमी से पूछे गए हैं। यदि 63 वीं और 64वीं की बात की जाए तो क्रमश: 12 और 18 प्रश्न तक पूछे जाने का रिकॉर्ड है। 65वीं में 11 प्रश्न इसी सेक्शन से थे। 70वीं के दोनों परीक्षा और 71वीं में इकोनॉमी के अपेक्षाकृत कम प्रश्नों को देखा गया है। लेकिन इससे इस विषय का महत्व कम नहीं होता है। इसकी संभावना है कि इसबार इकोनॉमी के प्रश्नों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो।
- दरअसल इकोनॉमी की प्रकृति करेंट अफेयर्स जैसा ही है। इसके अधिकांश हिस्सों का डेटा प्रतिवर्ष बदलता है और इस वजह से इसका दायरा भी बड़ा हो जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण बिहार की अर्थव्यवस्था जैसे बिहार का बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और राज्य की प्रमख योजनाएं इसमें शामिल हो जाते हैं और यही से सीधे प्रश्न पूछ लिए जाते हैं। कभी कभी पुराने डेटा को भी पूछ लिया जाता है।
- ध्यान रहे बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में अपवाद स्वरूप कुछ प्रश्नों को छोड़ दें तो अब तक मुख्यत: तथ्य आधारित प्रश्न पूछे गए हैं। हालांकि कंसेप्ट और कथन आधारित प्रश्नों के लिए भी हमें तैयार रहना चाहिए इसलिए डेटा को याद करना और बार-बार रिवीजन करना अत्यंत आवश्यक है।
ऐसे टॉपिक्स जिससे बार बार प्रश्न पूछे जा रहे हैं और ये हॉट केक बने हुए हैं
- बजट और आर्थिक समीक्षा
इसमें केन्द्रीय बजट और आर्थिक समीक्षा दोनों के डेटा महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं हालांकि केन्द्रीय आर्थिक समीक्षा वाले डेटा को गहराई में जाकर पढ़ना रणनीतिक रूप से सही नहीं है। इसके लिए पीआईबी पर उपलब्ध इकोनॉमिक सर्वे के महत्वपूर्ण डेटा को केवल संक्षेप में पढ़ना है। बजट के संदर्भ में बिहार का डेटा और केन्द्रीय बजट से जुड़े केवल महत्वपूर्ण भाग को ही पढ़ना जरूरी है। 71वीं में बिहार आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़े प्रश्न शामिल हैं। 70वीं बीपीएससी में केन्द्रीय बजट से सवाल पूछे गए हैं
- पंचवर्षीय योजनाएं
इसके अतंगर्त कुल 12 पंचवर्षीय योजनाओं को पढ़ना अत्यंत जरूरी है क्योंकि यहां से तथ्य आधारित प्रश्न सीधी तौर पर पूछ लिए जाते हैं। प्रथम पंचवर्षीय योजना-हेरॉड-डोमर मॉडल, द्वितीय पंचवर्षीय-पी.सी महालनोविस मॉडल आदि कई बार पूछे गए हैं।
- स्कीम और प्रमुख योजनाएं
इसमें भारत सरकार और बिहार सरकार दोनों की योजनाओं को पढ़ना ही पढ़ना है। बिहार की उन योजनाओं पर नज़र रखनी है जिसका अनुकरण केन्द्र सरकार भी कर रही है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर उसकी चर्चा हुई हो। जैसे बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल का जल' योजना को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनाते हुए पूरे देश में 'जल जीवन मिशन' के रूप में लागू किया है। इसके अलावा, बिहार की 'मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना' भी अन्य राज्यों के लिए महिला सशक्तिकरण की एक बड़ी प्रेरणा बनी है।
बिहार सरकार की जीविका (JEEVIKA - Bihar Rural Livelihoods Project) को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक प्रतिष्ठा मिली है। विश्व बैंक की सहायता से चलाई जा रही इस योजना को गरीबी उन्मूलन और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक वैश्विक मॉडल माना जाता है, जिसे समझने के लिए कई देश और अंतर्राष्ट्रीय संगठन अध्ययन करते हैं। बिहार में केन्द्र द्वारा वित्त पोषित योजनाओं को एक बार देखना जरूरी है। 69 वीं में PLI और स्वामित्य योजना से प्रश्न पूछे गए हैं।
- राजकोषीय नीति
इसमें राजकोषीय घाटे और इस संबंध में सरकार की प्राथमिकताएं और हाल में किए गए प्रयासों से संबंधित डेटा महत्वपूर्ण हैं।
- सात निश्चय III
सात निश्चय I, II और III तीनों के डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और यहां से प्रश्न पूछे ही जाते हैं।
- वैश्विक सूचकांक
इसके अंतर्गत आर्थिक मामलों से जुड़े जितने भी इंडेक्स हैं, अतिमहत्वपूर्ण हैं जैसे- वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलूक इंडेक्स, संयुक्त राष्ट्र (UNESCAP) के वैश्विक डिजिटल और सतत व्यापार सुविधा सर्वेक्षण में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने 93.55% का प्रभावशाली स्कोर हासिल किया है और यह दक्षिण एशिया क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला देश है।
- नीति आयोग
इसके अंतर्गत MPI (बहुआयामी गरीबी सूचकांक) के अद्धतन डेटा परीक्षा की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा नीति आयोग द्वारा जारी उन सभी रिपोर्टों को देखना जरूरी है जिसमें बिहार का उल्लेख हुआ है। SDG (सतत विकास लक्ष्य) इंडिया इंडेक्स 2023-24 में बिहार 57 अंकों के साथ सबसे अंतिम पायदान (सबसे पिछड़े राज्य) पर है। एक्सपोर्ट (निर्यात) इंडेक्स: इसमें बिहार का पूरे देश में 22वाँ स्थान है।
आकांक्षी जिला डेल्टा रैंकिंग (मार्च 2026) में इसमें बिहार के सीतामढ़ी जिले ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया। नीति आयोग के फिसकल हेल्थ इंडेक्स (Fiscal Health Index 2026) में 18 बड़े राज्यों में बिहार का स्थान 12वां है। वहीं स्वास्थ्य सूचकांक (Health Index) में 19 बड़े राज्यों में बिहार 18वें पायदान पर बना हुआ है।
इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक्स जहां से प्रश्न पूछे गए हैं-:
- राष्ट्रीय आय – राष्ट्रीय आय की गणना,आय की असमानता (गिणी-लॉरेंज अनुपात), जीडीपी,
- मुद्रा एवं बैंकिंग - रिजर्व बैंक, मुद्रास्फीति(तेलसंकट) वर्तमान में भी प्रासंगिक हैं। दो रूपए और उससे अधिक रूपयों को जारी करने वाली संस्था, प्रति व्यक्ति आय बिहार के संदर्भ में, आदि।
- भारतीय कृषि एवं उद्योग - कृषि के अंतर्गत नेफेड, एमएसपी((MSP), MSME, प्राथमिक, दवितीयक और तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र) आदि।
- सार्वजनिक वित्त – राजकोषीय घाटे, जीएसटी, वैट(VAT), (MODVAT), आयात-निर्यात
- गरीबी और बेरोजारी - गरीबी का निर्धारण एवं संबंधित समितियां, NSO के आंकड़े, 2019 में NSSOऔर CSO को मिलाकर NSO बना है।
- वैश्विक संगठन, व्यापार और भुगतान संतुलन – WTO, NABARD, सर्वाधिक व्यापार भागीदार वाला प्रश्न कई वर्षों से हॉट टॉपिक बना हुआ है।
- विविध – विभिन्न समितियां जैसे चैलेया समिति और नरसिम्हा समिति से कई बार प्रश्न पूछे गए हैं। जनगणना और जनसंख्या वृद्धि से कई बार प्रश्न पूछे जा चुके हैं और यहां से हर बार प्रश्न आते ही हैं।
ऊपर्युक्त जितने भी टॉपिक्स और सब टॉपिक्स का जिक्र किया गया है, वह बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और यहीं से प्रश्न आते हैं। इसमें स्कीम और योजनाओं का दायरा थोड़ा व्यापाक है क्योंकि बिहार और केन्द्रीय दोनों से प्रश्न पूछे जाते हैं। अधिकांश प्रश्व सीधी तौर पर तथ्यात्मक होते हैं और साथ में कथन और कंसेप्ट आधारित प्रश्न भी कमोवेश तथ्यों पर ही आधारित होते हैं।
| परीक्षा विवरण | जानकारी |
|---|---|
| 📚 विषय | सामान्य अध्ययन (General Studies) |
| 📝 प्रश्नों का प्रकार | वस्तुनिष्ठ (MCQ) |
| ⏱️ परीक्षा अवधि | 2 घंटे |
| 🎯 कुल अंक | 150 अंक |
| 🔤 प्रत्येक प्रश्न में विकल्प | A, B, C, D, E |
| ✔️ उत्तर चयन | केवल एक सही विकल्प |
| ⚠️ नकारात्मक अंकन | प्रत्येक गलत उत्तर अथवा एक से अधिक विकल्प चिन्हित करने पर 1/3 (एक तिहाई) अंक काटे जाएंगे। |
| 📝 महत्वपूर्ण नोट | यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं, तो विकल्प 'E' को अवश्य चिन्हित करें। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न में पाँचों विकल्प (A, B, C, D, E) को बिना चिन्हित किए छोड़ देता है, तो उस प्रश्न के लिए नकारात्मक अंकन (1/3 अंक) लागू होगा। |
बेहतर और सटीक अप्रोच यह होगा कि PYQ का अवलोकन करते हुए नए डेटा का अध्ययन करे और बार-बार रिवीजन करें और मॉक टेस्ट में भाग लें। मॉक टेस्ट में हो रहे गलतियों को सुधारें। निश्चय ही यह रणनीति प्रीलिम्स के स्कोर को कट ऑफ के पार पहुंचाएगा।
टीम एडूटेरिया की तरफ से आगामी 72वीं प्रीलिम्स के लिए ढ़ेर सारी शुभकामनाएं!!




